हस्तशिल्प

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, जालौन स्थान उरई
(संक्षिप्त विवरण दिनांक 20.2.2018)

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, जनपद में समावेशी एवं सततृ औद्योगिक विकास हेतु एक सहयोंगी (Facilitatory) संस्था है, जनपद के औद्योगिक विकास हेतु उद्यमियों एवं भावी उद्यमियों को उद्योग स्थापनार्थ/ उद्योग संचालन हेतु सहयोंग/ मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। जिससे कि जनपद में अधिक से अधिक रोजगार एवं जीविका के अवसर प्रदान किये जा सके।

विभाग द्वारा वर्तमान में संचालित विभिन्न कार्यक्रम /योजनायें निम्नवत् हैः-

एकल मेज व्यवस्थाः-

इस व्यवस्था के अन्तर्गत लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना में विभागीय अनुमतिया, अनापत्तिया, पंजीयन, एवं लाइसेंस निर्गत करने हेतु आन लाइन कामन आवेदन पत्र की व्यवस्था है । इस व्यवस्था के लिये जिला उद्योंग एवं उद्यम प्रेात्सहन केन्द्र नोडल कार्यालय है ।

जिला स्तरीय उद्योग बन्धु योजनाः-

इस योजना के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में प्रत्येक माह बैठक आहूत की जाती है जिसमें जनपद के उद्यमियों की उद्योगों से सम्बन्धित समस्यायों का निदान किया जाता है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रमः-

इस योजना के द्वारा परम्परागत हस्तशिल्पियों,कारीगरो,भावी उद्यमियों, को इस योजना के अन्तर्गत 25 लाख रूपये तक के विनिर्माण तथा दस लाख रूपये तक के सेवा उद्यम स्थापित करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र हेतु 35 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र हेतु 25 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक उपादान/ मार्जिन मनी क्रमशः आरक्षित एवं अनारक्षित वर्ग को दी जाती है ।

समाजवादी युवा स्वरोजगार योजनाः-

प्रदेश में 2016-17 से लागू राज्य सरकार की इस योजना के द्वारा जनपद के 40 वर्ष तक के युवाओं को 25 लाख रूपये तक के विनिर्माण तथा दस लाख रूपये तक के सेवा उद्यम स्थापनार्थ परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक उपादान/ मार्जिन मनी की व्यवस्था है।

अनुसूचित जाति/जन जाति सबप्लान योजनाः-

इस योजना के अन्तर्गत जनपद के अनुसूचित जाति/जन जाति के लोंगों को उद्योग स्थापनार्थ चार माह का व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है ।

उद्यमिता विकास प्रशिक्षण योजनाः-

इस योजनान्तर्गत जनपद के सभी वर्ग के महिलाओं एवं पुरूषों को उद्योग स्थापनार्थ एक दिवसीय, एक साप्ताहिक, दो साप्ताहिक, चार साप्ताहिक, छः साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करायें जाते है,जिससे कि युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने हेतु तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सके।

ब्याज उपादान योजनाः-

इस योजना का उद्देश्य बुन्देलखन्ड में स्थापित होने वाली नयी लघु व मध्यम औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्लान्ट व मशीनरी क्रय हेतु लिये गये ऋण पर देय व्याज पर 7 प्रतिशत अधिकतम 3 लाख प्रति इकाई प्रति वर्ष की दर से पाॅच वर्षो तक उपादान का लाभ लिया जा सकता है।

हस्तशिल्पियों से सम्बन्धित योजनायें:-

हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना के द्वारा जनपद के हस्तशिल्पियों को मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने के उपरान्त आने जाने का मार्गव्यय व स्टाल किरायं पर हुये व्यय की अधिकतम प्रतिपूर्ति रू.दस हजार प्रति हस्तशिल्पी की जाती है । हस्तशिल्पियों की पहचान एवं प्रोत्साहन हेतु पहचानपत्र एवं साठ वर्ष से अधिक के हस्तशिल्पियों को विगत वर्ष से समाजवादी पेशन दिये जाने की व्यवस्था है ।
एम.एस.एम.ई.उद्योग आधार पंजीयनः- इसके तहत उद्योगों का आन लाइन पंजीकरण आघार से लिंक कर उद्यमी द्वारा स्वंय किया जा सकता है।

तकनीकी उन्नयन:-

स्थापित उद्योगों में नई तकनीकी के मशीन प्लान्ट स्थापित करने /तकनीकी परामर्श लेने हेतु उपादान का लाभ लिया जा सकता है ताकि जनपद के उद्योगों को नई तकनीकी का लाभ प्राप्त हो सके।
एक जनपद एक उत्पाद योजना (ओ0डी0ओ0पी) – मा0 मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 24-1-2017 केा उ0प्र0में एक जनपद एक उत्पाद योजना लांच की गई है।योजनान्र्तगत जनपद के एक उत्पाद का चयन कर उसमें रोजागर दिये जाने, उत्पादों के विपणन की व्यवस्था एवं डिजाइन आदि में सुधार कर उत्पाद की गुणवक्ता में सुधार किया जाना है। इस योजना के अन्र्तगत जनपद जालौन हेतु हाथकागज उद्योग के उत्पाद का चयन किया गया है। जिसके अन्तर्गत जनपद के बेरोजगार लोगों को रोजगार दिये जाने एवं उत्पादों के विपणन की व्ववस्था एवं डिजाइन आदि में सुधार की स्पष्टता कराने के उदद्श्य से जनपद में स्थापित एवं नई स्थापित होने वाली इकाईयों को मूलभूत कठिनाईयों से निजात दिलाना है ताकि जनपद में हाथ कागज उद्योगों की स्थापना एवं विकास किया जा सके एवं बेरोजगार युवकों को रोजगार प्राप्त हो सके ।

आगामी कार्य योजना –

जनपद में औद्योगिक विकास को प्रगति देने हेतु एवं अधिक से अधिक रोजगार एवं जीविका सृजन के लिये चल रही योजनाओं का आवंटित लक्ष्य शत्-प्रतिशत् प्राप्त करना, उद्यमियों एवं भावी उद्यमियों का मार्गदर्शन एवं विभिन्न विभागों से मिलने वाली अनापत्तियों को सिंगिल विंडो सिस्टम के माध्यम से शीघ्रातिशीघ्र नियमानुसार निर्गत कराया जाना जिला औद्योगिक आस्थान के क्षेत्रों में कार्यरत उद्योगों का प्रोत्साहन एवं अकार्यरत उद्योग का भूखण्ड पर नियमानुसार कार्यवाही कर अन्य इच्छुक उद्यमी को भूखण्ड आवंटन की कार्यवाही कराना एवं मा0मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक दिनांक 06.04.17 एवं 20.04.17 के निर्देशानुसार जिला स्तरीय उद्योग बन्धु बैठक को और अधिक सार्थक व सुदृढ़ बनाते हुये जनपद के समस्त उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निवारण किया जाना।

उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, जालौन स्थान उरई